नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने विश्व हिंदू परिषद नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक आरोपी मनवीर राम उर्फ आशु संयुक्त अरब अमीरात से कथित तौर पर काम कर रहा था और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी में मौजूद हैंडलर्स तथा भारत में हथियार पहुंचाने वाले लोगों के बीच अहम कड़ी के रूप में काम करता था।
अमृतसर एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया आरोपी
मनवीर राम को गुरुवार को अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने NIA की ओर से जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर हिरासत में लिया। इसके बाद NIA ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विशेष NIA अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
हत्या के लिए हथियार उपलब्ध कराने का आरोप
NIA की जांच के मुताबिक मनवीर राम को हत्या को अंजाम देने के लिए हथियार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि वह UAE से काम करता था और विदेश में मौजूद साजिशकर्ताओं तथा भारत में सक्रिय उनके साथियों के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इसी नेटवर्क के जरिए टारगेटेड हत्या को अंजाम देने में मदद मिली। यह मामला RC-06/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज है। NIA ने 9 मई 2024 को इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। मामले में अब तक एक मुख्य आरोपपत्र और दो पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
जर्मनी में बैठे हैंडलर्स पर साजिश रचने का आरोप
NIA के मुताबिक विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश प्रतिबंधित BKI के जर्मनी में मौजूद हैंडलर्स हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने कथित तौर पर रची थी।
13 अप्रैल 2024 को शाम करीब 4:30 बजे पंजाब के रूपनगर जिले में विकास प्रभाकर की कन्फेक्शनरी की दुकान पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। प्रभाकर विश्व हिंदू परिषद की नांगल इकाई के अध्यक्ष थे।
धर्मेंद्र कुमार को भी किया जा चुका है गिरफ्तार
NIA ने अगस्त 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मिलकर पंजाब के लुधियाना से आरोपी धर्मेंद्र कुमार उर्फ कुणाल को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक कुणाल ने मध्य प्रदेश से अवैध हथियार और गोला-बारूद हासिल किए और विदेश में मौजूद खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू के निर्देश पर इन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय हमलावरों तक पहुंचाया।
मामले में कथित शूटर्स मनदीप कुमार उर्फ मांगली और सुरिंदर कुमार उर्फ रिका को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों पंजाब के एसबीएस नगर के रहने वाले हैं और उन्हें 16 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
दो फरार आरोपियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम
NIA ने कहा है कि मामले की बड़ी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। एजेंसी BKI के फरार सदस्यों हरजीत सिंह उर्फ लाधी और कुलवीर सिंह उर्फ सिद्धू की तलाश भी कर रही है।
दोनों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10-10 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है।
